Short Information : वितरित कराए जा रहे टैबलेट/स्मार्ट फोन के माध्यम से छात्रों को विभिन्न विभागों की विकासशील योजनाओं से अवगत कराया जाएगा तथा नवीनतम अपडेट के साथ समय पर नई जानकारी भी साझा की जाएगी। इसके अतिरिक्त, संबंधित विश्वविद्यालय/महाविद्यालय/संस्थान द्वारा फ्लैश मैसेज के माध्यम से छात्रों को कक्षा, पाठ्यक्रम आदि जानकारी भी प्रदान कराई जाएगी तथा छात्रों को विभिन्न शैक्षणिक कार्यक्रमों की सामग्री की उपलब्धता कराई जाएगी।
प्रश्न 1: डिजी शक्ति (Digi Shakti) पोर्टल क्या है और यह किसके लिए उपयोगी है?
उत्तर: डिजी शक्ति उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा शुरू किया गया एक आधिकारिक पोर्टल है, जिसका उद्देश्य 'स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तिकरण योजना' के तहत राज्य के तकनीकी, व्यावसायिक और उच्च शिक्षा के छात्रों को मुफ्त टैबलेट और स्मार्टफोन का वितरण व शैक्षणिक कंटेंट प्रदान करना है।
प्रश्न 2: सत्र 2026 में डिजी शक्ति पोर्टल पर छात्रों के लिए eKYC क्यों अनिवार्य किया गया है?
उत्तर: योजना में पारदर्शिता लाने, फर्जी पंजीकरणों को रोकने और यह सुनिश्चित करने के लिए कि लाभ केवल पात्र और सक्रिय छात्रों को ही मिले, सरकार ने डिजीलॉकर (DigiLocker) के माध्यम से सभी पंजीकृत छात्रों के लिए ऑनलाइन ई-केवाईसी (eKYC) अनिवार्य कर दिया है।
प्रश्न 3: डिजी शक्ति पोर्टल पर eKYC की प्रक्रिया को पूरा करने के लिए छात्रों को किस अन्य सरकारी ऐप/पोर्टल की आवश्यकता होगी?
उत्तर: इसके लिए छात्रों के पास डिजीलॉकर (DigiLocker) पर एक सक्रिय खाता होना अनिवार्य है। ई-केवाईसी प्रक्रिया के दौरान डिजी शक्ति पोर्टल छात्र की पहचान को सत्यापित करने के लिए डिजीलॉकर से डेटा फेच (Fetch) करता है।
प्रश्न 4: डिजी शक्ति स्टूडेंट ई-केवाईसी (eKYC) प्रक्रिया को पूरा करने के लिए किन मुख्य विवरणों की आवश्यकता होती है?
उत्तर: इसके लिए छात्र का डिजीलॉकर यूजरनेम/पिन, उनके कॉलेज द्वारा डिजी शक्ति पोर्टल पर पंजीकृत किया गया मोबाइल नंबर, संस्थान का नाम और एनरोलमेंट/रोल नंबर की आवश्यकता होती है।
प्रश्न 5: क्या छात्र को डिजी शक्ति पोर्टल पर खुद से नया रजिस्ट्रेशन करना होता है?
उत्तर: नहीं, छात्रों को खुद से नया रजिस्ट्रेशन करने की आवश्यकता नहीं होती है। संबंधित विश्वविद्यालय, बोर्ड या कॉलेज द्वारा ही योग्य छात्रों का डेटा डिजी शक्ति पोर्टल पर अपलोड किया जाता है। डेटा अपलोड होने के बाद छात्रों को केवल लॉगिन करके अपनी ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी करनी होती है।
प्रश्न 6: यदि डिजीलॉकर (DigiLocker) प्रोफाइल और कॉलेज रिकॉर्ड में छात्र के नाम या विवरण में अंतर हो तो क्या करें?
उत्तर: ई-केवाईसी को सफलतापूर्वक पूरा करने के लिए दोनों रिकॉर्ड का मेल खाना आवश्यक है। यदि डिजीलॉकर (जो कि आधिकारिक पहचान पर आधारित होता है) और कॉलेज रिकॉर्ड में कोई विसंगति है, तो छात्र को तुरंत अपने कॉलेज के नोडल अधिकारी से संपर्क करके डिजी शक्ति डेटाबेस में सुधार करवाना चाहिए।
प्रश्न 7: ऑनलाइन ई-केवाईसी (eKYC) सफलतापूर्वक पूरा हुआ है या नहीं, यह स्टेटस कैसे चेक करें?
उत्तर: छात्र डिजी शक्ति के आधिकारिक पोर्टल पर अपने क्रेडेंशियल्स के माध्यम से लॉगिन कर सकते हैं। यदि प्रक्रिया पूरी हो चुकी होगी, तो उनके डैशबोर्ड पर 'eKYC Status: Verified' या ग्रीन टिक (✓) दिखाई देगा।
प्रश्न 8: यदि कोई छात्र निर्धारित समय-सीमा के भीतर अपनी eKYC प्रक्रिया पूरी नहीं करता है तो क्या होगा?
उत्तर: यदि कोई छात्र अपनी ई-केवाईसी प्रक्रिया को समय पर पूरा नहीं करता है, तो उसका नाम मुफ्त टैबलेट या स्मार्टफोन वितरण की आगामी लाभार्थी सूची से अस्थायी रूप से हटाया या रोका जा सकता है।
प्रश्न 9: क्या पास-आउट (Pass-out) हो चुके छात्र भी इस सत्र में eKYC और योजना के लाभ के लिए पात्र हैं?
उत्तर: यह योजना मुख्य रूप से वर्तमान में अध्ययनरत (अंतिम वर्ष या निर्धारित सेमेस्टर के) छात्रों के लिए है। जो छात्र अपना कोर्स पूरी तरह समाप्त कर चुके हैं और जिनका डेटा कॉलेज द्वारा फॉरवर्ड नहीं किया गया है, वे इसके लिए पात्र नहीं होंगे।
प्रश्न 10: डिजी शक्ति योजना से जुड़ी आधिकारिक वेबसाइट कौन सी है जहाँ छात्रों को eKYC करना है?
उत्तर: किसी भी प्रकार के अनधिकृत या भ्रामक लिंक से बचने के लिए छात्र केवल उत्तर प्रदेश सरकार के आधिकारिक पोर्टल digishakti.up.gov.in पर ही विजिट करें और वहीं से अपनी लॉगिन व सत्यापन प्रक्रिया को सुरक्षित रूप से पूरा करें।