Short Information : UP Dakhil Kharij, Registration Board of Revenue Department Bihar/ Uttar Pradesh are Providing the Online Certification Verification for Land Record, Khasra, Khatauni, Land Map, Bhu Naksha Online Check and Verification Download Now.Those All The Interested People Checking UP Land Details all the information related to the Dakhil Kharij, Registration is given below and the link to apply is given in the Important Link section below.
Board of Revenue ,Uttar Pradesh
|
|
प्रश्न 1: उत्तर प्रदेश में दाखिल-खारिज (Dakhil Kharij/Mutation) क्या होता है?
उत्तर: जब कोई व्यक्ति कोई जमीन, मकान या संपत्ति खरीदता है, तो सरकारी राजस्व रिकॉर्ड (भूलेख) में पुराने मालिक के नाम को हटाकर नए खरीदार का नाम दर्ज करने की कानूनी प्रक्रिया को दाखिल-खारिज या नामांतरण कहते हैं।
प्रश्न 2: यूपी में दाखिल-खारिज के लिए ऑनलाइन आवेदन किस आधिकारिक वेबसाइट पर करना होता है?
उत्तर: इसके लिए आपको उत्तर प्रदेश राजस्व न्यायालय कंप्यूटरीकृत प्रबंधन प्रणाली (UPRCCMS) की आधिकारिक वेबसाइट vaad.up.nic.in या bor.up.nic.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन करना होता है।
प्रश्न 3: दाखिल-खारिज (Mutation) के लिए कौन-कौन से मुख्य दस्तावेजों की आवश्यकता होती है?
उत्तर: इसके लिए मुख्य रूप से रजिस्ट्री की सत्यापित प्रति (Registered Sale Deed), संपत्ति का पुराना खसरा/खतौनी, खरीदार और विक्रेता के पहचान पत्र, शपथ पत्र (Affidavit) और नवीनतम टैक्स रसीद की आवश्यकता होती है।
प्रश्न 4: रजिस्ट्री (Registry) होने के कितने दिनों के भीतर दाखिल-खारिज कराना जरूरी है?
उत्तर: आमतौर पर संपत्ति की रजिस्ट्री होने के 90 दिनों के भीतर दाखिल-खारिज के लिए आवेदन कर देना चाहिए, ताकि भविष्य में मालिकाना हक को लेकर कोई कानूनी अड़चन या विवाद न हो।
प्रश्न 5: क्या वसीयत या उत्तराधिकार (Varisana) के आधार पर भी दाखिल-खारिज होता है?
उत्तर: हाँ, यदि संपत्ति के मूल मालिक की मृत्यु हो जाती है, तो उनके कानूनी वारिस 'उत्तराधिकार/वरासत' के तहत भूलेख पोर्टल पर अपने नाम से दाखिल-खारिज के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
प्रश्न 6: यूपी में ऑनलाइन दाखिल-खारिज की सरकारी फीस कितनी निर्धारित की गई है?
उत्तर: ऑनलाइन पोर्टल पर शुरुआती पंजीकरण शुल्क बहुत ही मामूली (आमतौर पर ₹15 से ₹30 के बीच) होता है, लेकिन संपत्ति के प्रकार और उसकी वैल्यू के आधार पर कोर्ट द्वारा निर्धारित म्यूटेशन फीस देय होती है।
प्रश्न 7: ऑनलाइन आवेदन करने के बाद दाखिल-खारिज की प्रक्रिया में कितना समय लगता है?
उत्तर: यदि संपत्ति को लेकर कोई आपत्ति या विवाद (Objection) नहीं आता है, तो सामान्य तौर पर आवेदन की तारीख से 30 से 45 दिनों के भीतर तहसीलदार या राजस्व अधिकारी द्वारा दाखिल-खारिज की प्रक्रिया पूरी कर दी जाती है।
प्रश्न 8: अपने दाखिल-खारिज आवेदन की स्थिति (Status Check) ऑनलाइन कैसे देखें?
उत्तर: आप राजस्व न्यायालय के पोर्टल (vaad.up.nic.in) पर जाकर 'वाद खोजें' (Case Search) विकल्प के तहत अपने कंप्यूटर जनित आवेदन संख्या (Application Number) या क्रेता/विक्रेता के नाम से स्टेटस ट्रैक कर सकते हैं।
प्रश्न 9: यदि कोई व्यक्ति दाखिल-खारिज पर आपत्ति (Objection) दर्ज करना चाहे तो क्या नियम है?
उत्तर: आवेदन जमा होने के बाद राजस्व विभाग द्वारा एक सार्वजनिक नोटिस (इश्तहार) जारी किया जाता है। यदि किसी को आपत्ति है, तो वह नियत समय (आमतौर पर 21 से 35 दिन) के भीतर संबंधित राजस्व न्यायालय में लिखित आपत्ति दर्ज करा सकता है।
प्रश्न 10: क्या केवल रजिस्ट्री करा लेने से ही कोई व्यक्ति जमीन का पूर्ण मालिक बन जाता है?
उत्तर: नहीं, रजिस्ट्री केवल संपत्ति की खरीद-बिक्री का एक संविदात्मक प्रमाण है। जब तक सरकारी राजस्व रिकॉर्ड में आपका दाखिल-खारिज (Mutation) नहीं हो जाता, तब तक सरकारी कागजों में आपको उस भूमि का पूर्ण भूस्वामी नहीं माना जाता और न ही आप उस पर लोन ले सकते हैं।